त्याग शब्द छोटा है, पर इसको समझना बड़ा कठिन है, ( त्याग ) मृत्यु का भाई है,
हेलो दोस्तो हम सभी भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी को जानते है, और सबसे ज्यादा भारतीय लोग मोदी जी को एक भगये शाली व्यक्ति समझते है, क्योकि जयादतर लोग मोदी जी को भारत का प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही जानने लगे है, अगर हम मोदी जी की बेक हिस्ट्री को जनिगे तो हमारे आँखों मे आँसू आ जायेगे,
तो हम सबसे पहले मोदी जी के परिवार के बारे में जानते है,
मोदी जी का परिवार ( मेहसाना जिला गाव वडनगर) गुजरात,
मोदी जी के पिता का नाम ~ दामोदरदास मूलसंड मोदी,और वो काम करते थे, ट्रेन मे चाय बसने का, ( वृतमान वो अभी इस दुनिया मे नही है,
मोदी के माता का नाम ~ हीरा बहन मोदी और ऐसा कहा जाता हैं की जयादा गरीब होने के कारण दुसरो के घरों मे बर्तन साफ करके कुछ पैसा कमाती थी, ( वर्तमान मे वो भी इस दुनिया मे नही है,।
और मोदी जी का बस्पन बड़ा कठिन था, वो अपने पिताजी के साथ रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे और साथ मेअपनी पढाई भी करते थे, और 19899 मे मोदी जी के पिता का सर्गवास होगया था, मोदी जी ने शादी भी की हुई थी उनकी शादी 1968 मे हुई थी और उनकी पत्नी का नाम जसोदाबेन मोदी था और मोदी के पिता की मित्यु के बाद मोदी जी घर बार छोड़कर हिमालय की और सल पड़े,
कहने को तो मोदी जी ने अपना घर छोड़ था, मगर मोदी जी का वो पल ही, सबसे बड़ा दुखद पल था,
हमारा इतिहास गवाह है की जब कुछ पाना है तो कुछ खोना भी पड़ता है, और इसी वाणी का एक और उदाहरण नरेंद्र दामोदर दास मोदी बने।जो लोग कहते है की मोदी ने किया क्या सरीफ अपना घर छोड़ है, किया वो लोग कभी चोचते है की घर और अपनी पत्नी और छोड़ना कितना मुश्किल होता होगा, हम अपने परिवार से कुछ दिन भी दूर नही रह पाते है और मोदी जी ने अपना घर हमेसा के लिए छोड़ दिया, क्या हमने कभी विचार किया है की मोदी जी ने यह फेसला कितनी कठिनाई से लिया होगा, तो यह एक त्याग है, मोदी जी ने वि त्याग किया जो कोई नही कर सकता मगर मोदी जी ने हमेसा जनता और देश के बारे मे सोचा मोदी जी लगभग 1990 के आस पास घर हमेसा के लिए छोड़कर हिमालय की और सल पड़े,
और ऐसा कहा जाता है की मोदी जी ने 2 या, 3 साल हिमालय मे बिताय, और बाद मे फिर से मोदी जी गुजरात आय और 1992 मे मुरली मोहनोर जोसी की एकता यातरा मे साथ दिया और उसमे उनकी मदत भी की, फिर वाह से मोदी जी का राजनीतिक जीवन सरू हो जाता हैं, मोदी जी को सबसे पहले भाजपा पालती मे राष्ट्रिय चुनावी सदस्य बनाया, और इस प्रकार से मोदी जी अपने दिमाग का उपियोग किया की जब वो 2001 मे विधायक की सेट पर खड़े हुए तभी वो पहली बार जीत हासिल की और पहले उनोने गुजरात के मुखीयमन्त्री बनने की शफ्थ ली अभी नरेंद्र मोदी जी का जीवन पुन रूप से बदल गया था क्योकि वो गुजरात के मुखीयमन्त्री बन सुके थे यानी एक बड़ा नेता बन सके थे
2001 मे गुजरात के मुखीयमन्त्री बने मोदी जी
अभी मोदी जी ने अपनी मजिल हासिल कर ली है, मगर यह बाकी लोगो को लग रहा था मगर मोदी जी की तो अभी मंजिल बाकी थी, गुजरात का नरेंद्र मोदीजी ने ईस प्रकार से विकास किया की, मोदी जी के सरसे पूरे भारत होने लगे, और इसी प्रकार गुजरात का हर बच्चा मोदी को चाहने लगा ओर मोदी जी ने लगातार गुजरात मे भारतीय जनता पालती को तीन बार जीत दिलाकर मुखीयमन्त्री बने और मोदी जी की अब एक अलग सी लोक प्रियता बन सकी थी, और उनोने B.j.p पालती का बहुत ऊसा नाम किया, और ( 26 may 2014 ) मे वो भारत के प्रधानमन्त्री बने और अभी वो 2024 मे तीसरी बार चुनाव लड़ रहे है, और जिस प्रकार से मोदी जी ने एक बाद एक मंजिल हासिल की है, इस प्रकार से आज दिन तक कोई नेता ना तो लोक प्रिय हो सका और ना इतना विकास कर सका और अब देखना यह है
की अब मोदी जी अपनी आखिर रिच मे दोड रहे है, 2024 चुनाव मे अब हमको देखना है की मोदी जी लास्ट बार 2024 का चुनाव जीत पाते है या नही
की अब मोदी जी अपनी आखिर रिच मे दोड रहे है, 2024 चुनाव मे अब हमको देखना है की मोदी जी लास्ट बार 2024 का चुनाव जीत पाते है या नही


