कुछ पाना है तो कुछ खोना है ( )
आज हम योगी आदित्यनाथ जी के school से मुखीयमन्त्री के सफर की कहानी बटाइगे जो त्याग और मेहनत से भरी पड़ी है मे आपको सबसे पहले कुछ बताना चाहुंगा जो सायद आपको अच्छा लगे,।
हमे हमारे इतिहास से पता सलता है की एक छोटा बच्चा भी अगर कुछ करने को थान ले तो वो पथर का भी पानी कर सकता हैं, और आज ऐसे ही मोदीजी और योगी जी की कहानी है, और अभी हम जनिगे योगी जी की रोस्क कहानी सबसे पहले हम इनके परिवार की बात करते है,
योगी जी का परिवार और बस्पन
योगी जी के बस्पन का नाम = अजय सिंह
योगी जी के माता का नाम == सावित्री देवी
योगी जी के पिता का नाम == आंदन सिंह
योगी जी के भाई और बहन = 7 बहन भाई (3 बहने और 4 भाई और योगी जी 5 वे न पर है,
योगी जी के गाव का नाम = = 5 जून 1972 . पन्चुर जिला गढ़वाल ( उतरा खंड)
योगी जी की जाती नाम === राजपूत ( क्षत्रिय )
योगी जी के school का नाम ==👇
योगी जी ने बस्पन मे अपने दो भाईयो के साथ एस्थानीय school टेहरी के गजा school मे 1977 मे पहली क्लास से पढाई सरू की योगी जी ने 10 वी तक यानी 1987 तक इसी school से पढाई की नियतरण की और फिर 1989 मे ऋषिकेश के श्री भरत मन्दिर इंटर कालेज की और 1992 मे श्री नगर के हेमवती नंदन बहुगुणा गढवाल विश्व विधालीय से योगी जी गणित बीएससी सफलता हासिल की,
अजय सिंह ।
अभी अजय सिंह पूरे जवान होसुके थे, इस उम्र मे हर युवा अपने भवस्य के बारे मे चोचता है और, अपने मंजिल का मार्ग खुजने लग जाते है और जो लोग पैसे वाले होते है वो इसी उम्र मे एस और मौज करते है, मगर योगी जी इतने पैसे वाले भी नही थे, अब योगी जी ने अपने लिए नही बल्कि देश के लिए कुश करने की सोस मे थे, अब करने को तो बहुत जी करता मगर किया एक आम आदमी का बेटा जिसकी पेसान गाव मे भी ढिक से ना हो वो कर के भी किया कर सकता मगर हमारे भारत के इतिहास से लेकर आज तक ऐसे कई उदाहरण हमको देखने को मिलते हैं, और यह बात कई सदियों से स्लि आ रही हैं की अगर एक बच्चा भी थान ले तो वो पथर का भी पानी कर सकता हैं, और ठीक उसी प्रकार से अजय सिंह ने किया जो आज इतिहास मे योगी जी के नाम से एक उदाहरण के दोर पर जुड़ दिये गये है,
अजय सिंह कैसे बने योगी आदित्यनाथ
अजय सिंह अपने परदेस मे होरहे राम मन्दिर के लिए आंदोल से जुड़ गए, और फिर उनकी मुलाकात एक दिन गोरख नाथ मन्दिर के मंथ अवेंद नाथ से होए तो उनोने गरु अवेद नाथ की बाते सुनकर कुछ दिनों के भीतर अपना जीवन देश और भगति के नाम करके सानियास लेलिया जब अजय सिंह ने सानियास लिया तो अजय सिंह को अवेद नाथ जी ने उनका नाम अजय सिंह से योगी आदित्यनाथ कर दिया, अब योगी आदित्यनाथ जी गोरख नाथ मन्दिर के महान मंथ अवेद नाथ जी के शिशिय बन गए, और सायद अवेद नाथ जी यह सब देखकर योगी आदित्यनाथ को अपना सीशीय बनाया होगा क्योकि योगी आदित्यनाथ जी की इस दुनिया मे पेसान हुए है तो वो गरु अवेद नाथ का शिषिय बनकर ही हुए है, और ऐसा भी कहा जाता हैं की गरु अवेद नाथ को भी एक ऐसे ही शिष्य की जरूरत थी जो उनको योगी आदित्यनाथ जी मिल गए फिर गरु अवेद नाथ ने उनके ऊपर पूरे मठ की जमींदार डाल दी और फिर धीरे - धीरे योगी आदित्यनाथ के नाम से पूरे गोरख पुर मे उनका नाम ऊसा हो गया और गोरख नाथ मठ मे भी सारे काम काज योगी जी की निगरानी मे होने लगे और येगी जी ने हमेसा माफियो के खिलाफ अवाज उठाई और राम मन्दिर के लिए भी अलग अलग तरीको से संगर्स करने लगे फिर योगी जी के गरु इनकी कोसलता देखकर उनको राज नीति मे लाते है
योगी आदित्यनाथ जी का राजनीति मे आगमन 1998
गरु अवेध नाथ जी ने योगी जी को गोरख पुर से भाजपा पालती की और से चुनाव के मैदान मे 1998 मे उतार दिया जब योगी आदित्यनाथ जी की उम्र 26 वर्ष की थी और योगी जी ने पहली राजनीति मे आये थे और योगी जी ने अपने गरु और गोरख नाथ जी के आशीर्वाद से पहली बार मे ही गोरख पुर लोक सभा सीट से भाजपा को जीत दिलाई यह योगी आदित्यनाथ जी की अपनी कमियाबी की पहली सीढ़ी थी योगी आदित्यनाथ जी को गोरख पुर की जनता इतना चाहने लगी की उनको 1999 से 2014 मे भी एक सासद के रूप मे भारी मतो से विज्यता बनाया हमेसा योगी आदित्यनाथ जी कुल 4 बारे सासद बने और सबसे बड़ी तो बात यह है की योगी जी ने हर बार अपनी जीत के वोट बड़ते गए और योगी आदित्यनाथ जी के गरु अवेघनाथ जी का 13 सितोम्बर 2014 को निधन हो गया और फिर इसी तरह से योगी जी की जनगी मे उतार और चढ़ाव आते रहे फिर योगी जी को भाजपा पालती के चुनाव मे मुखीयमन्त्री बनाने की बात सलने लगी
योगी आदित्यनाथ जी पहली बार मुखीयमन्त्री चुनाव मे उतरे,
जहा पर भाजपा पालती के लिए अपना मुखीयमन्त्री बना कर उतर प्रदेश मे जीत हासिल करनी बहुत मुश्किल थी , जहाँ पर चुनाव मे भाजपा पालती ने योगी आदित्यनाथ जी को 2017 मे मुखीयमन्त्री के रूप मे चुनाव लड़ने की जमींदार सोफ़ि और योगी जी भाजपा पालती की उमीदों पर खरे उतरे और मुखीयमन्त्री चुनाव मे जीत हासिल की और 19 मर्चा 2017 को उतर प्रदेश के मुखीयमन्त्री बने, और योगी जी ने उतर प्रदेश का विकास बड़ी तेज गति से करा कर आज भारत का न वन राज्य बना दिया है, और यह ही वजह है की उतर प्रदेश की जनता योगी जी को चाहती हैं और सबसे तो बड़ी बात यह है की योगी जी ने दूसरी बार भी भाजपा पालती को जीत दिलाई है और लगातार दूसरी बार मुखीयमन्त्री बनने वाले उतर प्रदेश के पहले व्यक्ति है, और आज भी हम 2024 मे भी देखते है तो उतर प्रदेश विकास की और ही बढ़ता रहता है, और योगी जी का सपना था राम मन्दिर बनवाने का वो भी मोदी जी के साथ मिलकर पुरा कर लिया और यह ही योगी आदित्यनाथ जी की कहानी थी जिनको आज पूरे भारत मे पसद किया जाता हैं,


