
राजस्थान का जालंधर बादशाह किरण सिंह बीकानेर के राजा
यह बात 1650 ई के आस पास की है उस वक्त दिल्ली का बादशाह ओरंगजेब था
ओरंगजेब ने छोटे छोटे राजपुत जहगीर दरो ओर कुस ठाकुरो को नजर बन्द तरीके से बंदी बनाकर हिन्दू धर्म से मुस्लिम धर्म में लाना चाहता था
• मगर दिल्ली में जायादा राजपुत राजा मस्मदार थे इसलिए औरंगजेब धर्म परिवर्तन का कार्य चुपके से करना चाहता था इसलिए उसने उन बंदियों को सिंधु नदी के तट पर एक सेना की टुकड़ी के साथ बड़ी सलाके से उन हिन्दू लोगो को पहुसा दिया
• सिंधु नदी के किनार बनी मुगल सावनी अब एक धर्म परिवत्न करवाने का अड़ा बन गया था जबकि सभी राजपुत राजा नही जानते थे की इस मुग़ल सावनी में धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है
• मगर यह औरंगजेब की साल के बारे में राजस्थान के बेकानेर के राठौड़ राजा किरण सिंह को पता सला गया किरण सिंह को जब पता साला की एक दो दिन में सिंधु पर बनी मुगल सावनी में सैकड़ों हिन्दू लोगो के जबरदस्ती के साथ धर्म परिवर्तन कराया जाएगा
• बीकानेर के राजा किरण सिंह ने अपनी राठोडी फोज तैयार कर ली ओर रातों रात सिद्ध नदी पर बनी मुगली सावनी के ऊपर हमला बोल दिया
• हमला इतना तीखा था की मुगली फोज कुस समझ पाती उससे पहली बीकानेरी फोज ने सावनी में आग लागा दी ओर सारी नावे तोड़ दी मुग़ल सैनिक गाजर मूली की तरह काटे गए कुच बचे कसे अपनी जान बसाकर वापस दिल्ली भाग गए वहा पर सैकड़ो हिन्दू लोग बनी बैठे थे उनको समान सहित अपने अपने गर पहुसाया
•इस विजेय के बाद बेकनेर के राजा किरण सिंह को समस्त हिन्दू राजाओं ने और परजा ने जालंधर बादशाह की उपादी दी किरण सिंह ने अपने जीवन में हमेशा औरंगज़ेब का कड़ा विरोध किया
